धरती पुत्र किसान जो आज खेती करना छोड़ रहाहै।

हेलो दोस्तों मेरा नाम प्रमोद हैं।

दोस्तों आज में आपको अपने देश के किसान की बात करने जा रहा हूं. जिसमे कुछ तथ्य एसे है कि अपको किसानो की जो खेती छोड़ के शहर की तरफ पलायन की हाकी काट पता चलेगा दोस्तों ।
       धरती पुत्र किसान जो आज खेती करना छोड़ रहाहै।        
     दोस्तो आपने पहले बोहोत सी बार सुना होगा कि किसान अपने अपने जमीन बेच कर खेती का काम बंद  कर रहे है. तो दोस्तों ये बात कुछ हद तक सही है लेकिन कभी आपने ये क्यों होरहा है ये जानने की कोशिश की अगर नही तो आज आपका दोस्त याने में बताऊंगा.
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धरती पुत्र किसान जो आज खेती करना छोड़ रहाहै।
                    किसान हमारे लिए जीवन जीने के काम आने वाली मतलब खाने पीने की हरवो चीज उगता है लेकिन हम ने कभी ये सोचा है कि उसे वो ऊगा ने ओर आप तक पोहचाने में कितनी मसक्कत उठानी पड़ती है और फिर भी उस किसान को उसका पूरा पैसा भी नही मिलता दोस्तो लेकिन हम शहरों मे राह ने वाले लोगो को ये बात कहा पाता होगा.
                    तो सुनिये के किसानों को जब भी कुछ उगा न होता है तब जमीन को हल से या ट्रेक्टर से जोता जाता है
उसके बाद उसमें बीज डाले जाते है उसके बाद उसमें पानी देते हैं. फिर पानी देना पड़ता है हर दोसे चार दिनों मे दोस्तों और यही प्रक्रिया तीन माहीना करनी पड़ती है तब जाकें वो किसान उस फसल को काट ता है . लेकिन जब उस के बाद जब भी उस अनाज को वो मंडी या बड़े मार्केट में बेचने को जाता है तब वो वो किसान उतना नही पाता जितना उसने खर्च किया था तो दोस्तो तीन चार महीने की मेहनत के बाद भी अपने खर्चे से भी कम मिले तो आप क्या करोगें अरे हम तो अगर एक दिन की भी मेहनत से कम मिलता है तो काम छोड़ देते है.
                    दोस्तों किसान अपने देश की तो खेती करके मदद करता है लेकिन उसके परिवार की मदद कोई नही करता तो परिवार को बचाने के लिए ज्यादातर किसान अपनी खेती छोड़ कर शहर में पलायन करते है।


धरती पुत्र किसान जो आज खेती करना छोड़ रहाहै।

                  लेकिन दोस्तों बात यहां पर खतम नही होतीं हम शहर वासियो को देश के किसानों की दुविधा समज नई चाहिए और साथ मे सरकार भी किसानों को सबसे आगे का दर्जा देने चाहिए । क्योंकि अगर किसान कुछ उगाए गा नही तो देश कैसे चले गा दोस्तों.
                एक बात और भी है आज कल हरकोई युवा वर्ग पढ़ लिखकर एक अच्छी नॉकरी करना चाहता है और ऐसा ही
किसानों के बच्चे भी सोच कर वोभी शहरों की तरफ निकल जाते है . दोस्तों ये बात अच्छी है कि आप आगें बढ ना चाहते है लेकिन आप अपने किसान पुरखो को छोड़ कर अगर शहरों में बस जाओ गे तो फिर दिन प्रतिदिन खेती तो देश से कम ही हो जाए गी.
                दोस्तों आप मेरी बात को गौर से समझ कर सोचिए तो आप को भी मेरी बातें सच लगेगी ।
                                         फिर मिलेंगे दोस्तों.

                   

     

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